जो कामयाबी है उसकी खुशी तो पूरी है, मगर यह याद भी रखना बहुत जरूरी है। की दास्तां अभी हमारी अधूरी है, बहुत हुआ है मगर, फिर भी यह कमी तो है। बहुत से होठों पर मुस्कान आ गई लेकिन, बहुत सी आंखें हैं जिनमें अभी नमी तो है। – जावेद अख्तर साहब
– Independence Day Shayari