आदतन तुमने कर दिए वादे, आदतन हमने ऐतबार किया, तेरी राहों में हर बार रूककर, हमने अपना ही इंतज़ार किया! – गुलज़ार
– Intezaar Shayari
आदतन तुमने कर दिए वादे, आदतन हमने ऐतबार किया, तेरी राहों में हर बार रूककर, हमने अपना ही इंतज़ार किया! – गुलज़ार
– Intezaar Shayari