कान्हा जैसा देव नहीं जहां में कोई उसकी लीला क्या, बस जाने वोही कान्हा मुझे मिलने नहीं आया सपने में कल उठ के आधी रात को मैं बहुत रोई। जन्मष्टमी की हार्दिक बधाई हो।
– Janmashtami Shayari
कान्हा जैसा देव नहीं जहां में कोई उसकी लीला क्या, बस जाने वोही कान्हा मुझे मिलने नहीं आया सपने में कल उठ के आधी रात को मैं बहुत रोई। जन्मष्टमी की हार्दिक बधाई हो।
– Janmashtami Shayari