अब पहले जैसी ना रही ज़िंदगी बस सोचते सोचते गुज़र रही है,
मौज तो बचपन में थी यारों अब तो कामयाबी के फ़िकरों में निकल रही है।
~ Nitish Dutt
– Life Shayari
कामयाबी के फ़िक्र में ज़िन्दगी - Life Shayari
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June 05, 2021
अब पहले जैसी ना रही ज़िंदगी बस सोचते सोचते गुज़र रही है,
मौज तो बचपन में थी यारों अब तो कामयाबी के फ़िकरों में निकल रही है।
~ Nitish Dutt
– Life Shayari