कैसे जीऊ मैं खुशहाल ज़िन्दगी
उसकी मोहब्बत ने हमको मारा हैंरखा था जो दिल संभाल कर
उस दिल को हमने हारा हैंबनता हैं महफ़िलो की शान वो
पर बनता ना मेरा सहारा हैंदूर भी हम कैसे रह सकते हैं
इंसां वो सबसे लगता प्यारा हैंजाए कहा अब उसे छोड़ कर
बिन उसके ना अब गुजारा हैंइंतजार में कटते हैं दिन और रात
दूजा ना अब कोई और चारा हैं
~ पूनम
– Sad Shayari
कैसे जीऊ मैं खुशहाल ज़िन्दगी | एक और अधूरी मोहब्बत - Sad Shayari
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June 05, 2021