Sad True Shayari on Muskan
वह नयन ही क्या जिसमें सपने ना हो,
वह चयन ही क्या जो अपने ना हो ।
वह फूल ही क्या जिसमें खुशबू ना हो,
वह शूल ही क्या जो चुभती ना हो।
वह दर्द ही क्या जो याद ना हो,
वह मुस्कान ही क्या जिसमें खुशी ना हो।
~ उत्तीर्णा धर
– Sad Shayari
वह मुस्कान ही क्या जिसमें खुशी ना हो। - Sad Shayari
0
June 05, 2021
Tags