वो अब पानी को तरसेंगे जो गंगा छोड़ आये हैं, हरे झंडे के चक्कर में तिरंगा छोड़ आये हैं। – राहत इंदौरी
– Independence Day Shayari
वो अब पानी को तरसेंगे जो गंगा छोड़ आये हैं, हरे झंडे के चक्कर में तिरंगा छोड़ आये हैं। – राहत इंदौरी
– Independence Day Shayari