आओ दिवाली मनाये हम
खुशियों का मौका हैं खुशिया मनाये हमकभी धर्म, कभी जाति, कभी भाषा के नाम पर लड़े हम
फिर भी कहते हो दिवाली हैं, आओ हाथ मिलाये हमआओ दिवाली मनाये हम
जला के औरो के घरो को इस दिवाली में
किस मुँह से अपने.. घरो को सजाये हमआओ दिवाली मनाये हम
इस दिवाली सोया किसान का घर एक साथ खा के ज़हर
हमे इससे क्या, आओ बच्चो को अपने मिठाई खिलाये हमआओ दिवाली मनाये हम
कोई मराठी, कोई पंजाबी, कोई तमिल, तो कोई बंगाली
आओ निकले इस दिवाली एक हिंदुस्तानी ढूंढ लाये हमआओ दिवाली मनाये हम
मारा गया कल मुंबई में एक माँ का लाल नाम जिसका राहुल था
छोड़ो यारो उस अजनबी की मौत पे क्यों मातम मनाये हमआओ दिवाली मनाये हम
सो रहा हैं देश मेरा, घायल आज ओढ़े हुए कफ़न
आओ यारो दीपक नहीं, उसकी चिता जलाये हमआओ दिवाली मनाये हम
खुशियों का मौका हैं खुशिया मनाये हम
~ Sajid
– Hindi Poems
True But Sad Diwali Poems On India - Hindi Poems
0
June 05, 2021
Tags