तुम हसीन हो, गुलाब जैसी हो, बहुत नाज़ुक हो ख्वाब जैसी हो, होठों से लगाकर पी जायूँ तुम्हें, सर से लेकर पाँव तक शराब जैसी हो।
– Romantic Shayari
तुम हसीन हो, गुलाब जैसी हो, बहुत नाज़ुक हो ख्वाब जैसी हो, होठों से लगाकर पी जायूँ तुम्हें, सर से लेकर पाँव तक शराब जैसी हो।
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